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धारा 54F की छूट

धारा 54F की छूट

प्लाट या कोई सम्पति(हाउस प्रॉपर्टी के अलावा) बेचकर हाउस प्रॉपर्टी में इन्वेस्ट करने पर छूट:-


1) बेचीं जाने वाली सम्पति हाउस प्रॉपर्टी न हो व लॉन्ग टर्म कैपिटल एसेट हो।

2) लॉन्ग टर्म कैपिटल एसेट बेचने से एक साल पहले तथा दो साल के भीतर नया घर खरीद लिया हो या तीन साल के भीतर नए घर का निर्माण करा लिया हो

3) नया घर भारत में हो

4) नया घर तीन वर्ष तक बेचा नहीं जा सकता

5)लॉन्ग टर्म कैपिटल एसेट बेचने के दिन उसके पास एक से ज्यादा घर न हो ( अर्थात एक पहले हो सकता है, दूसरा छूट के लिए खरीदा या बनाया जा सकता है)

6) दो साल के भीतर तीसरा घर नहीं खरीद सकता तथा तीन साल के भीतर तीसरे घर का निर्माण नहीं करा सकता।

7) पूरा नेट consideration इन्वेस्ट करने पर पूरी छूट मिलेगी। कम इन्वेस्ट करने पर छूट आनुपातिक मिलेगी।

8) इन्वेस्ट रिटर्न फ़ाइल करने से पहले नहीं हो पाए तो इन्वेस्ट की जाने वाली राशि रिटर्न फ़ाइल की due डेट से पहले कैपिटल गेन अकाउंट में जमा करानी होगी।

सीए रघुवीर पूनिया 9314507298

Profile photo of CA Raghuveer Poonia CA Raghuveer Poonia

Jaipur, India

CA RAGHUVEER SINGH POONIA, a fellow member of the Institute of Chartered Accountants of India, over 24 years of experience in the profession. He has qualified as a Chartered Accountant in 1995, After that he has partner in charge taxation in P.S.D. & Associates biggest firm of Rajasthan. Presently he has running a CA firm in the name of Poonia & Soni. He has address various seminars, conference on income tax at various firm’s. He is regular Blogger on Income Tax issues. He is panelist of TV shows as expert on income tax/ economical issues.

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